टीआरपी घोटाले और कथित व्हाट्सएप चैट लीक को लेकर रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब गोस्वामी एक बार फिर चर्चा में आए। लीक चैट में पुलवामा हमले से पहले की जानकारी और बालाकोट स्ट्राइक पर विवादास्पद टिप्पणियां सामने आईं। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और पत्रकारिता की नैतिकता पर बहस छिड़ गई। विपक्ष ने सरकार पर मीडिया के एक वर्ग को संरक्षण देने का आरोप लगाया। अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी, ज़मानत और अदालतों में कार्यवाही के दौरान मीडिया की स्वतंत्रता बनाम जिम्मेदारी की बहस गर्म रही। यह मामला भारतीय मीडिया की भूमिका और सीमाओं को लेकर मिसाल बना।




