बिहार की चुनावी सरज़मीं पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने आक्रामक और धारदार भाषणों से राजनीतिक माहौल को झकझोर दिया है। कदवा, बरारी और पूर्णिया की विशाल जनसभाओं में उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार और चुनाव आयोग दोनों पर तीखा वार करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब जनता से हार के डर में वोट चोरी पर उतर आए हैं।” उन्होंने भीड़ से सीधे कहा — “याद रखिए इन नामों को — ज्ञानेश कुमार, विवेक जोशी और एस.एस. संधू। ये तीनों चुनाव आयोग के सबसे ऊंचे अधिकारी हैं और यही लोग संविधान और लोकतंत्र से विश्वासघात कर रहे हैं।” प्रियंका गांधी ने इन अधिकारियों को “लोकतंत्र के गुनहगार” बताते हुए कहा कि “ये लोग पद के पीछे छिपकर जनता के अधिकार छीन रहे हैं, अब इन्हें जनता के कोर्ट में जवाब देना पड़ेगा।”
प्रियंका गांधी का स्वर इस बार और भी तीखा था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “वोट चोर” करार देते हुए कहा — “नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए कट्टा, गोली, फिरौती और रंगदारी जैसी बातें करते हैं। इनका स्तर इतना गिर चुका है कि अब यह चुनाव नहीं, अपराधी भाषा बोलने का मंच बना दिया गया है। जिस व्यक्ति ने देश के किसानों, युवाओं और महिलाओं से वादे किए, वो अब झूठ और डर की राजनीति कर रहा है।” प्रियंका गांधी ने कहा कि बिहार की जनता मोदी की असलियत पहचान चुकी है — “अब झूठ की राजनीति नहीं चलेगी, अब जवाब जनता देगी।”
कदवा की रैली में प्रियंका गांधी ने जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा कि “संविधान ने आपको सरकार चुनने की शक्ति दी, मगर जब बीजेपी को समझ आया कि जनता उनके खिलाफ है, तो उन्होंने वोट चोरी शुरू कर दी।” उन्होंने भीड़ से कहा — “वोट आपका है, ताकत आपकी है, और अब समय आ गया है कि आप इस ताकत से ‘वोट चोरों’ को जवाब दें।”
बरारी की रैली में प्रियंका गांधी ने महागठबंधन के वादों की झड़ी लगाते हुए कहा कि अगर गठबंधन सरकार बनी, तो “महंगाई घटेगी, सिलेंडर 500 रुपए में मिलेगा, भूमिहीनों को जमीन दी जाएगी, विधवाओं और वृद्धजनों को पेंशन मिलेगा, और जीविका दीदीयों को 30 हजार रुपए वेतन दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि “ये सिर्फ वादे नहीं, कांग्रेस की परंपरा है — जनता के लिए काम करने की।”
उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा — “मोदी सरकार ने देश में एक भी नई संस्था नहीं बनाई, न उद्योग लगाए, न शिक्षा के क्षेत्र में सुधार किया। लेकिन अडानी जैसे दोस्तों को एक-एक रुपए एकड़ में बिहार की जमीनें दे दीं। अगर वही जमीन युवाओं को दे दी जाती, तो हर घर में एक उद्यमी होता।” प्रियंका ने भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा — “अब जनता ये तय करेगी कि बिहार की जमीन अडानी को जाएगी या बिहार के नौजवान को।”
पूर्णिया में प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की भाषा और आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा — “देश के प्रधानमंत्री कट्टा, दुनाली, गोली, फिरौती और हत्या की भाषा बोल रहे हैं। क्या यह वही भारत है, जहाँ प्रधानमंत्री जनता के बीच जाकर उनके दुख-दर्द साझा करता था? मेरे पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, मगर जनता के गुस्से और डांट को सुनते थे, क्योंकि वो जानते थे — जनता का क्रोध ही लोकतंत्र की चेतना है।”
प्रियंका गांधी ने युवाओं के दर्द को भी जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि “बिहार के युवाओं का जीवन पेपर लीक और बेरोजगारी की आग में जल रहा है। हर साल परीक्षा होती है, पेपर लीक हो जाता है। युवाओं के सपने बर्बाद हो रहे हैं, मगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती। मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना लाकर युवाओं की सेना में भर्ती का सपना तोड़ दिया।” उन्होंने भीड़ से पूछा — “क्या ऐसे लोगों को वोट देंगे, जो आपके सपनों पर पहरा लगाते हैं?”
प्रियंका गांधी ने कहा कि “कांग्रेस के शासन में बिहार में पुल बने, बांध बने, इंडस्ट्रियल बेल्ट बने, डेयरी और पेपर मिलें लगीं, चीनी, सीमेंट और खाद के कारखाने खुले। यह सब कांग्रेस के समय में हुआ। आज मोदी सरकार में सिर्फ एक काम हो रहा है — ‘वोट चोरी’। न रोजगार है, न शिक्षा, न उद्योग — सिर्फ झूठ, प्रचार और कैमरा।”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तानाशाह करार देते हुए कहा — “पहले अंग्रेजों का राज था, आज मोदी का साम्राज्य है। फर्क बस इतना है कि तब गोरे शासक थे, अब झूठ के शासक हैं। लेकिन यह धरती, यह मिट्टी हमारे पूर्वजों के खून से सींची गई है। हम चुप नहीं बैठेंगे। अब यह लड़ाई ‘वोट चोरों’ के खिलाफ न्याय की है।”
प्रियंका गांधी ने रैली में गरजते हुए कहा — “अब बिहार बदलने वाला है। जो लोग जनता से दूर भागते हैं, जो सवालों से डरते हैं, जो लोकतंत्र को कमजोर करते हैं — उन्हें जनता अब माफ नहीं करेगी।” उन्होंने नारा दिया —
“बदलेगी सरकार, बदलेगा बिहार — अब वोट चोरों का हिसाब तय होगा!”




