नई दिल्ली 26 अक्टूबर 2025
भारत में डिजिटल पहचान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) अब एक नया e-Aadhaar मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह ऐप नागरिकों को अपने नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत विवरणों को अपडेट करने की सुविधा देगा — वो भी घर बैठे, बिना आधार केंद्र गए।
AI और फेस रिकग्निशन तकनीक से पूरी होगी डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया
UIDAI ने इस नए ऐप में अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और फेस रिकग्निशन तकनीक को जोड़ा है। इसका उद्देश्य नागरिकों की पहचान को और सुरक्षित बनाना है ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी अपडेट की संभावना को समाप्त किया जा सके।
अब आधार कार्ड अपडेट करते समय OTP वेरिफिकेशन के साथ-साथ लाइव फेस स्कैनिंग की प्रक्रिया भी होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अपडेट केवल वास्तविक कार्डधारक ही कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में AI एल्गोरिद्म उपयोगकर्ता के चेहरे के भाव, चेहरे की गतिशीलता और बायोमेट्रिक डाटा को क्रॉस-चेक करेगा ताकि किसी भी प्रकार की डुप्लिकेसी या छेड़छाड़ न हो।
एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर लॉन्च होगा ऐप
UIDAI के अनुसार, यह नया e-Aadhaar ऐप जल्द ही एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा। उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड करके सीधे अपने आधार नंबर या वर्चुअल आईडी (VID) से लॉग इन कर सकेंगे।
ऐप में एक डिजिटल डैशबोर्ड होगा जिसमें उपयोगकर्ता अपने सभी आधार संबंधी कार्य — जैसे पते में बदलाव, जन्मतिथि संशोधन, मोबाइल नंबर अपडेट, और दस्तावेज़ अपलोड — कुछ ही मिनटों में कर सकेंगे।
अब नहीं जाना पड़ेगा आधार केंद्र
अब तक नागरिकों को अपने आधार कार्ड में कोई भी परिवर्तन कराने के लिए नज़दीकी आधार सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाना पड़ता था। इससे न केवल समय और धन खर्च होता था, बल्कि कई बार सत्यापन प्रक्रिया में हफ्तों लग जाते थे। लेकिन e-Aadhaar ऐप के आने से यह सारी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी हो जाएगी।=UIDAI के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप “Digital India Mission” की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
डेटा सुरक्षा को लेकर UIDAI का नया भरोसा
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि ऐप में उपयोगकर्ता के डेटा को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक से सुरक्षित रखा जाएगा।
प्राधिकरण का दावा है कि यह ऐप GDPR मानकों के अनुरूप डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाएगा, जिससे नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी किसी भी तीसरे पक्ष तक नहीं पहुंचेगी। UIDAI के मुताबिक, यह ऐप न केवल उपयोगकर्ता-अनुकूल होगा बल्कि इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि 60 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता इसका लाभ उठा सकें।
नागरिकों के लिए नई सुविधा, सरकार के लिए पारदर्शिता का साधन
डिजिटल आधार अपडेट प्रणाली न केवल नागरिकों के लिए सुविधाजनक होगी बल्कि सरकार के लिए भी यह डाटा पारदर्शिता, त्रुटिरहित पहचान और सामाजिक योजनाओं के सही वितरण में मददगार साबित होगी।
UIDAI का कहना है कि आने वाले महीनों में यह ऐप अन्य सरकारी सेवाओं से भी जुड़ सकता है — जैसे डिजिलॉकर, पासपोर्ट सेवाएं, पैन लिंकिंग और वोटर कार्ड वेरिफिकेशन।
UIDAI का यह कदम भारत को संपूर्ण डिजिटल पहचान प्रणाली की दिशा में आगे ले जाता है। e-Aadhaar ऐप के आने से नागरिकों को अपने दस्तावेजों में सुधार के लिए अब न तो लंबी कतारों में लगना पड़ेगा, न ही किसी एजेंट पर निर्भर रहना पड़ेगा। यह ऐप डिजिटल इंडिया के उस विज़न को साकार करेगा जहाँ “आधार आपका अधिकार है – और अब यह आपके हाथ में है।”




