5 फरवरी 2020 को अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को महाभियोग के दोनों आरोपों – सत्ता का दुरुपयोग और कांग्रेस की बाधा – से बरी कर दिया। रिपब्लिकन-बहुमत वाली सीनेट ने गवाहों को बुलाने के डेमोक्रेट्स के अनुरोध को भी खारिज कर दिया था, जिससे मुकदमा की वैधता पर सवाल उठे। इस फैसले ने ट्रंप को पद पर बने रहने की अनुमति दी, लेकिन इसने अमेरिकी राजनीतिक विभाजन को और गहरा कर दिया। डेमोक्रेट्स ने इसे न्याय का उपहास बताया, जबकि रिपब्लिकन ने इसे “पक्षपातपूर्ण चुड़ैल शिकार” का अंत कहा।




