21 दिसंबर: उत्तरायण का द्वार, ध्यान और योग से आत्मचेतना की ओर लौटने का दिवस
बिमला कुमारी, समाजसेवी योग मानव सभ्यता की सबसे प्राचीन और गहन आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है। प्राचीनतम आर्ष ग्रंथों के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि सृष्टि के आरंभ से ही योग का अस्तित्व रहा है। भारतीय दर्शन मानता है कि स्वयं ईश्वर ने सृष्टि के प्रारंभ में योग परंपरा का सूत्रपात किया।…
