धीमी आत्महत्या: हम अपनी ही सांसों से मौत की ओर बढ़ रहे हैं, और सबसे भयावह बात यह है कि हमें इसकी कोई परवाह नहीं
अलोक वर्मा (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार एवं न्यूज़स्ट्रीट मीडिया के संस्थापक) हमारे सामाजिक व्यवहार में एक ऐसी बुनियादी विकृति घर कर चुकी है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चेतावनी की घंटी कही जानी चाहिए। दुनिया में शायद ही कोई और देश होगा, जहां करोड़ों लोग हर दिन जहरीली हवा में सांस लेते…
