भाषा में लगातार गिरावट, राजनीति में गुंडागर्दी का तड़का — सीतामढ़ी में मोदी ने फिर से खो दी पद की मर्यादा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाषा दिनोंदिन गिरती जा रही है। कभी “संस्कारी” और “विकास पुरुष” की छवि गढ़ने वाले मोदी अब हर चुनावी मंच पर उस भाषा का इस्तेमाल करने लगे हैं जो किसी गली के दबंग या रंगदार की लगती है। “कनपटी पर कट्टा”, “बच्चों को रंगदार बनाना”, “गुंडों का राज” जैसे…
