[the_ad id="179"]

सर्विस ऑफ समन या सर्विस ऑफ प्रोटेक्शन? अडानी को बचाने का सरकारी खेल

आज सार्वजनिक हुए एक आधिकारिक दस्तावेज़ ने देश की न्यायपालिका और सरकार की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। कानून और न्याय मंत्रालय (Department of Legal Affairs, Judicial Section) के दफ्तर का वह पत्र — जिसका शीर्षक और विवरण स्पष्ट रूप से दिखते हैं — 25 फ़रवरी 2025 तारीख़ का है और यह […]

मुसलमान के ‘अनकहे शब्द’ सुनाई देते हैं, पर सत्ताधारी नेताओं की ‘गोली मारो’ नहीं” — न्याय की दोहरी परिभाषा पर सवाल

भारतीय संविधान की सबसे बड़ी ताकत उसकी न्यायपालिका में निहित है, जिसे सभी नागरिकों के लिए समान न्याय सुनिश्चित करने का संरक्षक माना जाता है। लेकिन जब यही स्तंभ सत्ता के प्रति झुकाव दिखाता हुआ प्रतीत होता है और अलग-अलग समुदायों के लिए न्याय के अलग-अलग तराजू का इस्तेमाल करने लगता है, तो देश के […]

ट्रंप बोले – मोदी झुके: नरेंदर सरेंडर का एक और नमूना

 नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2025  अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस वक्त एक नया और चिंताजनक संकेत साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा है — आदेश वॉशिंगटन से आता है और उसका पालन नई दिल्ली में होता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस पर दबाव बढ़ाने की खुली चेतावनी के कुछ ही दिनों के भीतर, भारत […]