“फिजिकल इंटिमेसी और इमोशनल इंटिमेसी: युवा समझें फर्क, वरना ज़िंदगी ‘लव, सेक्स और धोखा’ बन जाएगी”
प्रस्तावना: इंटिमेसी यानी नज़दीकी, लेकिन किस तरह की? आज का युवा तेज़ है, आज़ाद है और आत्मनिर्भर है — लेकिन वह जितनी तेज़ी से बाहर से मजबूत बन रहा है, अंदर से उतना ही उलझा हुआ भी है। कॉलेज, सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स, इंस्टा रिलेशनशिप्स और लाइक-फॉलो के दौर में उसे नज़दीकियाँ चाहिए — जल्दी,…
