एबीसी नेशनल न्यूज | कोलकाता | 9 मार्च 2026
देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिने जाने वाले हावड़ा रेलवे स्टेशन को अब नया और आधुनिक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय रेलवे की योजना है कि साल 2030 तक यहां ट्रेनों को संभालने की क्षमता लगभग दोगुनी कर दी जाए, ताकि बढ़ती यात्रियों की भीड़ और रेल यातायात को आसानी से संभाला जा सके।
करीब 173 साल पुराना हावड़ा स्टेशन भारतीय रेल की पहचान माना जाता है। वर्ष 1854 में शुरू हुआ यह स्टेशन आज भी पूर्वी भारत का सबसे बड़ा रेलवे केंद्र है। यहां से हर दिन सैकड़ों ट्रेनें देश के अलग-अलग शहरों के लिए चलती हैं और लाखों यात्री यहां से सफर करते हैं। कोलकाता और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए यह स्टेशन किसी जीवनरेखा से कम नहीं है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में यहां यात्रियों और ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसी वजह से स्टेशन की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत कई प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाई जा रही है, ताकि 22 से 24 डिब्बों वाली लंबी दूरी की ट्रेनें आसानी से लग सकें।
इसके साथ ही कुछ नए प्लेटफॉर्म भी बनाए जा रहे हैं। इससे ट्रेनों के आने-जाने में लगने वाला समय कम होगा और प्लेटफॉर्म पर भीड़ भी कम होगी। रेलवे का मानना है कि इन बदलावों से ट्रेन संचालन ज्यादा सुचारु और व्यवस्थित हो जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में भी कई सुधार किए जाएंगे। इसमें आधुनिक वेटिंग हॉल, बेहतर सूचना प्रणाली, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही के लिए बेहतर इंतजाम शामिल हैं।
भारतीय रेलवे देश के कई बड़े स्टेशनों को आधुनिक बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में हावड़ा रेलवे स्टेशन का अपग्रेड एक अहम परियोजना माना जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब यह पूरा काम पूरा हो जाएगा, तब हावड़ा स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन पहले से ज्यादा तेज और सुचारु होगा और यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।




