2022 के अंत में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की। LGBTQ+ समुदाय के लोगों ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत समान अधिकारों की मांग की। यह मामला भारतीय समाज में लैंगिक विविधता, मानवाधिकार और कानून की संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है। सुनवाई 2023 में भी जारी रही, लेकिन 2022 में इसका आधार तैयार हुआ, जो न्यायिक इतिहास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।




