2 से 4 अप्रैल 2020 के बीच, COVID-19 से वैश्विक मौतों की संख्या 100,000 का आंकड़ा पार कर गई, जो महामारी की बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है। इस दौरान, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं ने चेतावनी दी कि दुनिया 1930 के दशक की महामंदी के बाद सबसे खराब आर्थिक मंदी का सामना कर रही है। हालांकि, यात्रा प्रतिबंधों और औद्योगिक गतिविधियों में कमी के कारण वैश्विक CO₂ उत्सर्जन में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई, जो एक अनपेक्षित पर्यावरणीय परिणाम था।




