Home » National » वडोदरा में पुल गिरा, वाहन नदी में समाए; 10 की मौत, कई लापता

वडोदरा में पुल गिरा, वाहन नदी में समाए; 10 की मौत, कई लापता

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

हादसे की भयावह शुरुआत: सुबह-सुबह पुल धंसा, नदी में समा गए वाहन

बुधवार सुबह गुजरात के वडोदरा जिले में एक बेहद दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया। वडोदरा के पास स्थित गंभीरा नदी पर बना एक पुल अचानक ढह गया, जब उस पर से कई वाहन गुजर रहे थे। हादसे के वक्त सुबह का समय था और यातायात सामान्य रूप से चालू था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक पुल का मध्य भाग टूटकर नीचे गिर गया, जिससे कम से कम पांच गाड़ियाँ—including एक कार, एक मिनी ट्रक और दो बाइकें—सीधे नदी में जा गिरीं। पुल का धंसना इतना अचानक और तीव्र था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोग जब तक दौड़कर मदद के लिए पहुंचते, तब तक कई जिंदगियाँ पानी में डूब चुकी थीं।

मौत का मंजर: 10 शव बरामद, कई लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएँ तुरंत हरकत में आईं। मौके पर दमकल विभाग, एनडीआरएफ की टीमें और पुलिसकर्मी पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अब तक नदी से 10 शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू टीमों ने नदी में गिरे वाहनों को निकालने के लिए क्रेन, मोटरबोट और गोताखोरों की सहायता ली है। पानी का बहाव तेज़ होने और पुल के मलबे के नीचे दबे वाहनों की वजह से ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

पुल की जर्जर हालत पहले से थी सवालों के घेरे में

स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पुल पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में था और कई बार इसकी मरम्मत की मांग भी उठ चुकी थी। पुल के किनारों में दरारें, जंग लगे लोहे के स्ट्रक्चर और हिलता हुआ फुटपाथ साफ संकेत दे रहे थे कि यह संरचना कभी भी ढह सकती है। इसके बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पुल की निगरानी और रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरती गई, जो अब कई जानों के नुकसान का कारण बनी। यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की निष्क्रियता का भी सबूत है।

मुख्यमंत्री ने दुख व्यक्त किया, जांच के आदेश दिए

गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी, और गंभीर घायलों का संपूर्ण इलाज राज्य सरकार द्वारा कराया जाएगा। साथ ही, उन्होंने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं और कहा है कि यदि पुल के निर्माण या रखरखाव में कोई लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शोक में डूबा गुजरात: लोगों में गुस्सा और अफसोस

इस हादसे ने न सिर्फ वडोदरा बल्कि पूरे गुजरात को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटा हुआ पुल, नदी में डूबी गाड़ियाँ और चीखते-बिलखते लोग दिखाई दे रहे हैं। आम जनता के बीच गुस्से और दुख की लहर है। स्थानीय संगठनों और विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि यह हादसा सरकारी उदासीनता का परिणाम है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि राज्यभर में सभी पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों का तत्काल सर्वेक्षण कर उनकी हालत की समीक्षा की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

एक बार फिर सवालों के घेरे में बुनियादी ढांचा

विकसित राज्य होने के दावे के बीच गुजरात में इस तरह की त्रासदी एक बार फिर बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। देश के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी अक्सर निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की खबरें आती रही हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। अब यह हादसा सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि सिर्फ विकास का दावा काफी नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। इस हादसे से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि जब तक सार्वजनिक संरचनाओं की गुणवत्ता और निगरानी में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं लाई जाएगी, तब तक ऐसे हादसे देश को रुलाते रहेंगे।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments