श्रेया चव्हाण। नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025
बॉलीवुड में चमक-दमक के पीछे छिपे कड़वे सच को अक्सर पर्दे के पीछे ही रहने दिया जाता है, लेकिन अभिनेत्री यामी गौतम धर ने वह साहस दिखाया है जो शायद ही कोई स्टार खुले मंच पर दिखाता हो। अपनी हालिया पोस्ट में उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से फैल रहे उस ‘पेड हाइप कल्चर’ का पर्दाफाश किया, जिसके तहत—उनके अनुसार—पैसे लेकर फिल्मों के लिए कृत्रिम उत्साह पैदा किया जाता है, और पैसे न देने पर उन्हीं पत्रकारों या पोर्टल्स द्वारा फिल्म और कलाकार के खिलाफ नकारात्मक कैंपेन चलाया जाता है। यामी ने इस ट्रेंड को “एक तरह का एक्सटॉर्शन (उगाही)” बताया और चेतावनी दी कि अगर इसे नहीं रोका गया तो यह पूरा उद्योग खा जाएगा।
“हमसे पैसे लो, नहीं तो बुरा लिखेंगे”—यामी ने कहा यह नया ‘नॉर्मल’ असल में इंडस्ट्री का ज़हर है
यामी के अनुसार, आज कथित पब्लिसिटी एजेंसियों और सोशल मीडिया पोर्टलों का एक ऐसा गठजोड़ तैयार हो चुका है, जो मार्केटिंग के नाम पर फिल्ममेकरों और कलाकारों से भारी-भरकम रकम मांगता है। पैसे मिलते ही हाइप—पेड पोस्ट, ट्रेंडिंग हैशटैग, चमकदार रिव्यू—सब तैयार। लेकिन पैसे न दो तो वही लोग रिलीज़ से पहले ही फिल्म को “डूबता जहाज” घोषित कर देते हैं। यामी ने इसे इंडस्ट्री के लिए “एक खतरनाक प्लेग” बताया, जो आने वाले वर्षों में पूरे बॉलीवुड को दीमक की तरह खा सकता है। उनके शब्दों में—“यह ट्रेंड एक दिन हर किसी को काटेगा, किसी को नहीं छोड़ेगा।”
“साउथ में कोई इस गंदी हरकत की हिम्मत नहीं करता” — इंडस्ट्री की एकता पर यामी का बड़ा बयान
यामी ने अपनी तुलना दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से करते हुए कहा कि वहाँ कोई ऐसी उगाही की कोशिश नहीं करता, क्योंकि पूरी इंडस्ट्री एकजुट खड़ी रहती है। वहाँ कलाकार, निर्माता, निर्देशक एक-दूसरे के काम का सम्मान करते हैं और किसी को ब्लैकमेल या भावनात्मक दबाव में लाकर फिल्म की इमेज नहीं बिगाड़ी जाती। यामी के अनुसार, यही एकता बॉलीवुड में पिछले कई सालों से नदारद है, और इसी का फायदा उठाकर आज कई लोग करोड़ों की वसूली कर रहे हैं।
“मैं एक ईमानदार आदमी की पत्नी हूँ… उसके खून-पसीने को कोई पेड हाइप परख नहीं सकता” — पति आदित्य धर पर भावुक यामी
यामी गौतम धर की पोस्ट केवल एक शिकायत नहीं थी—यह भावनाओं से भरी एक मार्मिक अपील भी थी। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई निजी नहीं है, लेकिन वह यह बात इसलिए कह रही हैं क्योंकि उनके पति और निर्देशक आदित्य धर ने अपनी नई फिल्म धुरंधर में अपना सबकुछ झोंक दिया है। यामी लिखती हैं—“मैं एक बेहद ईमानदार आदमी की पत्नी हूँ। मैंने उनकी मेहनत, संघर्ष और विज़न को अपनी आँखों से देखा है। वे और उनकी टीम इस फिल्म के लिए भारत को गौरवान्वित करने वाला काम कर रहे हैं। ऐसे में पैसा देकर हाइप खरीदने या नकारात्मकता रोकने का दबाव गलत है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब फिल्म धुरंधर, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, 5 दिसंबर को रिलीज़ होने जा रही है और अभी तक उसकी बुकिंग और ट्रेलर रिस्पॉन्स को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं।
“सत्य सामने आया तो बहुत लोगों की नींद उड़ जाएगी”—इंडस्ट्री की परछाइयों पर यामी का इशारा
अपने लंबे संदेश में यामी ने यह भी कहा कि अगर पिछले पाँच वर्षों में गढ़ी गई ‘कृत्रिम सफलता’ की परतें हटाई जाएँ तो कई सच्चाईयाँ सामने आएँगी, जो बहुतों के लिए “खूबसूरत तस्वीर नहीं होगी।” यामी के इस संकेत ने इंडस्ट्री में एक और बहस छेड़ दी है—क्या बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्में वास्तव में उतनी ‘हिट’ थीं जितना दिखाया गया? क्या पेड हाइप के सहारे बनाई गई सफलताओं की कहानियाँ दरअसल भ्रम थीं? यामी का यह खुलासा इंडस्ट्री की पारदर्शिता पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर देता है।
“आओ मिलकर इस दीमक को रोकें”—निर्माताओं, निर्देशकों और सितारों से एकजुट होने की अपील
पोस्ट के अंत में यामी ने पूरे बॉलीवुड से अपील करते हुए कहा कि यह समय है कि निर्माता, निर्देशक और अभिनेता एकजुट होकर इस गंदी प्रथा को जड़ से खत्म करें। उनके अनुसार, अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियाँ एक ऐसे उद्योग को विरासत में पाएँगी जिसमें ईमानदारी, गुणवत्ता और रचनात्मकता को पीछे धकेल दिया गया होगा। यामी कहती हैं—“फिल्म बनाना एक आनंद है। इसे दुनिया के सामने रखना एक उत्सव है। इसे नष्ट मत होने दीजिए। दर्शकों को निर्णय करने दीजिए, न कि पेड हाइप को।” उन्होंने पोस्ट का अंत #ChardiKalaa और #JaiMataDi लिखकर किया—जो दर्शाता है कि वह इस लड़ाई को सकारात्मकता और विश्वास के साथ लड़ना चाहती हैं।




