फ्रांसीसी संस्था ‘फॉरबिडन स्टोरीज़’ और ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इजरायली स्पायवेयर पेगासस का उपयोग कर पत्रकारों, नेताओं, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई। भारत में राहुल गांधी, प्रशांत किशोर, कई पत्रकार और अफसरों के नाम लीक हुए। इस पर संसद में भारी हंगामा हुआ और विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा। केंद्र ने इसे साजिश और बेबुनियाद बताया। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित की। यह विवाद निजता, लोकतांत्रिक अधिकारों और डिजिटल निगरानी पर वैश्विक बहस की वजह बना।




