जनवरी 2021 में चीन ने अलीबाबा, टेनसेंट और अन्य प्रमुख टेक कंपनियों पर सख्त सेंसरशिप और एंटी-ट्रस्ट कानूनों का शिकंजा कसना शुरू किया। जैक मा, जो पहले से ही सरकार के आलोचक माने जाते थे, महीनों तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे। चीनी सरकार ने बड़े कॉर्पोरेट्स की आर्थिक और विचारधारा पर पकड़ मजबूत करने के लिए नए नियम लागू किए। इससे चीन की आर्थिक रणनीति, निवेश माहौल और टेक कंपनियों की स्वतंत्रता पर प्रश्न उठे। दुनिया भर के निवेशकों में चिंता फैल गई, और चीन की टेक इक्विटी मार्केट को भारी झटका लगा। यह घटना चीन के नियंत्रित पूंजीवाद का प्रतीक बनी।




