कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली निकाली। यह आंदोलन कुछ हिस्सों में हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स तोड़ते हुए लाल किले तक पहुंच गए। वहां एक धार्मिक ध्वज भी फहराया गया, जिससे विवाद और तनाव और बढ़ गया। पुलिस और किसानों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें दर्जनों घायल हुए। इस घटना ने किसान आंदोलन की छवि को प्रभावित किया और सरकार तथा आंदोलकारियों के बीच संवाद की स्थिति और जटिल हुई। कई किसान नेताओं पर एफआईआर दर्ज हुई और दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दीं, जिससे राजनयिक विवाद भी उत्पन्न हुआ।




