29 फरवरी 2020 को अमेरिका और तालिबान ने कतर के दोहा में एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य अफगानिस्तान में दशकों लंबे संघर्ष को समाप्त करना था, जिसमें अमेरिकी सेना की वापसी का मार्ग प्रशस्त किया गया। समझौते के तहत, अमेरिका ने अपनी सेना को धीरे-धीरे वापस बुलाने का वादा किया, जबकि तालिबान ने अल-कायदा और अन्य आतंकवादी समूहों को अफगान धरती से संचालन करने से रोकने का वचन दिया। हालाँकि, समझौते के बाद भी अफगानिस्तान में हिंसा जारी रही और शांति प्रक्रिया जटिल बनी रही।




